रविवार, 25 जनवरी 2009

कुछ बात है की हस्ती मिटती नही हमारी ....

कल गणतंत्र दिवस है ! आज हम स्वतंत्र तथा विश्व के प्रभावशाली देशों की सूची में अहम् स्थान पर है ! हमें भारतीय होने पर गर्व है ! आज हमारे कदम चाँद पर पहुँच चुके है ! इस मौके पर मुझे अमरकवि अवतार सिंह 'पाश ' के चाँद पंक्तियाँ याद आ रही है !
भारत
मेरे सम्मान का सबसे महान शब्द ,
जहाँ कहीं भी प्रयोग किया जाए,
बाकी सभी शब्द अर्थहीन हो जाते है !
ये नही है कि हमारे यहाँ अब राजसत्ता से भ्रष्ठाचार ,नौकरशाहों के कदाचार, घूसखोरी ख़त्म होगई है !काफी है , तथा बढ़ ही रही है ! इसे मिटाना तो हमीं को है ! लेकिन यहाँ मैं उस जिजीविषा की चर्चा करना चाहूँगा, जोकि भारत को जिन्दा बनाए रखती है ! जाने कितने आए कितने गए , लेकिन हमारे सभ्यता जो थी ,वही है ! हाँ कुछ परिवर्तन तो संसार का नियम है ! मुग़ल, अंग्रेज सभी आए !हामारे यहाँ 'स्लमडॉग मिलेनियर' की लाखों कहानियाँ मौजूद है !पर हमारे यहाँ के भूखे, मज़लूम विध्वंस नही करते है ! इसका मतलब ये नही कि हम उनकी सब्र कि सीमा टूटने का इंतज़ार करे ! उन्हें उनके मौलिक अधिकार देने होगे ! यहाँ कविवर नीरज की ये पंक्तियाँ गौर करने के लायक है !
तन की हविश मन को गुनहगार बना देती है ,
बाग़ के बाग़ को बीमार बना देती है !
भूखें पेटों को ओ देशभक्ति सिखाने वालों,
भूंख इन्सान को गद्दार बना देती है !!
मैं इस लेख के माध्यम से इतना कहना चाहता हूँ ! कि भारत में अपने बल पर दुनिया को दिखाने कि ताकत है , और कई बार दिखाई भी है ! इसी देश में मोहन दास पैदा होकर बापू कहलाया !अंत में 'पाश' कि ही चंद पंक्तियाँ दे रहा हूँ ....
।हम लड़ेगे साथी ,
उदास मौसम के लिए ,
हम लड़ेगे साथी,
गुलाम इच्छायों के लिए ,
हम चुनेगे साथी ....
जय हिंद दोस्तों

5 टिप्पणियाँ:

विवेक सिंह ने कहा…

गणतंत्र दिवस की पूर्वसंध्या पर आपको बधाई !

अनिल कान्त : ने कहा…

हमारी हस्ती मिटने के लिए नही बनी .........गणतंत्र दिवस के लिए बधाई

अनिल कान्त
मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति

संगीता पुरी ने कहा…

बहुत सुंदर....आप सबों को गणतंत्र दिवस की बहुत बहुत शुभकामनाएं।

dwij ने कहा…

प्रस्तुति के लिए आभार

गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाओं सहित

सादर

द्विजेन्द्र द्विज
http:/www.dwijendradwij.blogspot.com/

Pradeep ने कहा…

गणतन्त्र दिवस पर हार्दिक बधाइयाँ बहुत बढ़िया ..............जय हिंद , जय भारत ,,,,,,,........

 

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